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Paytm से कमाई करने का मौका, कंपनी लाएगी भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO

Paytm to launch biggest ever IPO in India: देश की सबसे बड़ी ई-वॉलेट कंपनी पेटीएम (Paytm) इस साल के अंत में देश का सबसे बड़ा आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में है.

Paytm से कमाई करने का मौका, कंपनी लाएगी भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO

नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी ई-वॉलेट कंपनी पेटीएम (Paytm) अपनी झोली इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) से भरने का प्लान बना रही है. आईपीओ के जरिए कंपनी निवेशकों को भी मोटी कमाई करने का मौका देने वाली है. कंपनी प्राइमरी मार्केट से 3 बिलियन डॉलर यानी करीब 22 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना में है. इसके लिए कंपनी सितंबर, 2021 से पहले अपना आईपीओ लॉन्च करेगी.


ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, देश की सबसे बड़ी पेमेंट सर्विसेज प्रोवाइडर पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स इस आईपीओ को मंजूरी देने के लिए 28 मई यानी कल एक बैठक करेंगे. इस आईपीओ के जरिए पेटीएम ने अपना वैल्यूएशन 25 से 30 बिलियन डॉलर यानी 1.80 लाख करोड़ रुपये से 2.20 लाख करोड़ रुपये के बीच करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

बार्कशायर हैथवे, सॉफ्टबैंक और एंट ग्रुप हैं पेटीएम के बड़े निवेशक
पेटीएम के बड़े निवेशकों में वॉरेन बफे की कंपनी बार्कशायर हैथवे, जापान की इंवेस्टमेंट फर्म सॉफ्टबैंक ग्रुप और चीनी कंपनी अलीबाबा ग्रुप की एंट ग्रुप शामिल हैं. इस आईपीओ में फ्रेश शेयर्स के साथ कंपनी ने प्रोमोटर्स और मौजूदै निवेशक ऑफर फॉर सेल के जरिये शेयर जारी करेंगे, ताकि कुछ कंपनियों के एग्जिट का रास्ता मिले.

लीड मानेजर बनने की रेस में मोर्गन स्टेनली सबसे आगे

सूत्रों के मुताबिक, पेटीएम के आईपीओ के लिए जिन बैंकर्स को चुना जाएगा उनमें मोर्गन स्टेनली, सिटीग्रुप, जेपी मोर्गन जैसे इंवेस्टमेंट बैकर्स शामिल हैं. कहा जा रहा है कि लीड मानेजर बनने की रेस में मोर्गन स्टेनली सबसे आगे है. सूत्रों ने बताया कि इस आईपीओ का प्रोसेस जून या जुलाई में शुरू हो सकता है. हालांकि, न तो पेटीएम और न ही इन इंवेस्टमेंट बैकर्स ने इस बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान दिया है.

आपको बता दें कि मार्केट रेगुलेटर सेबी के नियमों के मुताबिक, आईपीओ लाने वाली कंपनी को पहले 2 साल में 10 फीसदी हिस्सा पब्लिक के लिए जारी करना होता है, जबकि अगले 5 साल में इसे बढ़ाकर 25 फीसदी करना होता है. यानी प्रमोटर ज्यादा से ज्यादा 75 फीसदी हिस्सा अपने पास रख सकते हैं.

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